Income Tax New Rules : अगर आप भी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। 1 अप्रैल 2026 से देश में टैक्स सिस्टम में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। आम बजट 2026 में केंद्र सरकार ने आयकर अधिनियम में कई अहम संशोधन किए हैं, जिनका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। इन बदलावों का उद्देश्य टैक्स प्रक्रिया को आसान बनाना है, लेकिन कुछ बदलाव आपके खर्च भी बढ़ा सकते हैं। आइए जानते हैं इन 7 प्रमुख बदलावों के बारे में:
1. नया आयकर अधिनियम लागू होगा : Income Tax New Rules
1961 से लागू पुराना आयकर अधिनियम (Income Tax) अब समाप्त हो जाएगा। 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम, 2025 लागू होगा। अच्छी बात यह है कि फिलहाल टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है और पुराने स्लैब ही जारी रहेंगे। नए कानून में भाषा को सरल बनाने और कानूनी जटिलताओं को कम करने पर जोर दिया गया है।
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2. ITR भरने की अंतिम तारीख में बदलाव
अब टैक्सपेयर्स को ITR भरने के लिए अधिक समय मिलेगा। ITR-3 और ITR-4 की अंतिम तारीख 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है (जिनका ऑडिट नहीं होता)। वहीं ITR-1 और ITR-2 की अंतिम तारीख 31 जुलाई ही रहेगी। टैक्स ऑडिट की अंतिम तारीख में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह 31 अक्टूबर ही रहेगी।
3. रिवाइज्ड रिटर्न भरने के नियम में बदलाव
अगर आप अपने भरे हुए ITR में कोई सुधार करना चाहते हैं, तो अब आपके पास ज्यादा समय होगा। रिवाइज्ड रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। हालांकि, 31 दिसंबर के बाद रिवाइज्ड रिटर्न भरने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा। बिलेटेड रिटर्न की तारीख में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
4. TCS की दरों में बदलाव
टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) की दरों में कई अहम बदलाव किए गए हैं। शराब की बिक्री पर TCS 1% से बढ़ाकर 2% कर दिया गया है। स्क्रैप पर भी TCS 1% से बढ़ाकर 2% कर दिया गया है। कोयला, लिग्नाइट और लौह अयस्क पर भी अब 2% TCS लगेगा। हालांकि, तेंदू पत्ता पर TCS 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है।
5. विदेश यात्रा पर TCS में राहत
अगर आप विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह अच्छी खबर है। LRS (लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम) के तहत विदेश यात्रा पैकेज पर अब केवल 2% की एक समान TCS दर लगेगी, चाहे रकम कितनी भी हो। पहले यह 5% और 20% के अलग-अलग स्लैब में था। शिक्षा और इलाज के लिए विदेश भेजी जाने वाली राशि पर भी TCS 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है।
6. शेयर बाजार (F&O) में ट्रेडिंग महंगी
फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) में ट्रेडिंग करने वालों के लिए यह नकारात्मक खबर है। सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया गया है। फ्यूचर्स पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है, जबकि ऑप्शंस पर 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है। इससे डेरिवेटिव ट्रेडिंग महंगी हो जाएगी।
7. शेयर बायबैक और डिविडेंड पर नया नियम
1 अप्रैल 2026 से शेयर बायबैक से होने वाली आय पर कैपिटल गेन टैक्स लगेगा। पहले इसे डीम्ड डिविडेंड माना जाता था। प्रमोटर शेयरधारकों पर अलग-अलग दरें लागू होंगी—कॉरपोरेट प्रमोटर्स पर 22% और नॉन-कॉरपोरेट प्रमोटर्स पर 30% टैक्स लगेगा।
डिविडेंड इनकम पर भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब डिविडेंड कमाने के लिए लिए गए लोन के ब्याज पर कोई कटौती नहीं मिलेगी। पहले इस पर 20% तक की कटौती मिलती थी। अब पूरी डिविडेंड आय पर आपके टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना होगा।